Transfer Of Property Act 1882-पुश्तैनी संपत्ति और विरासत में मिली संपत्ति में क्या है अन्तर,ज्यादातर लोगों को नहीं पता

Transfer Of Property Act 1882 :पुश्तैनी संपत्ति और विरासत में मिली संपत्ति में क्या है अन्तर, ज्यादातर लोगों को नहीं पता

सरकार द्वारा संपत्ति (Transfer Of Property Act 1882) को लेकर बनाए गए सभी नियमों की हर किसी को जानकारी नही है.

यह देखा गया है कि कई जगह लोग यह सवाल करते है कि पुश्तैनी संपत्ति (Ancestral Property) और विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) में क्या फर्क होता है.

ज्यादातर लोग विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) और पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) में फर्क को नहीं समझ पाते हैं, वे दोनों को एक ही समझ लेते हैं.

तो इस लेख में हम आपको आज पैतृक संपत्ति और विरासत में मिली संपत्ति में फर्क क्या होता है, यह बताने वाले हैं.

Transfer Of Property Act 1882 :पुश्तैनी संपत्ति और विरासत में मिली संपत्ति में क्या है अन्तर, ज्यादातर लोगों को नहीं पताTransfer Of Property Act 1882 :पुश्तैनी संपत्ति और विरासत में मिली संपत्ति में क्या है अन्तर, ज्यादातर लोगों को नहीं पता

किसी भी संपत्ति पर किसी व्यक्ति का क्या हक और अधिकार है, और उसके लिए क्या नियम (Transfer Of Property Act 1882) बने हुए हैं, इस बात की जानकारी अधिकतर लोगों को नहीं होती है.

यह आवश्यक है कि संपत्ति से जुड़े हुए सरकार द्वारा बनाए गए सभी नियम (section 52 of transfer of property act) और हक और अधिकारों के बारे में हर व्यक्ति को पता हो.

अधिकतर यह देखा गया है कि लोग विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) और पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) को एक ही तरह की संपत्ति समझ लेते हैं.

विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) और पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) में क्या फर्क है

अधिकतर लोगों का यह सोचना है कि अगर कोई संपत्ति उनको दादा परदादा से मिली है, तो वह संपत्ति विरासत में मिली पैतृक संपत्ति है.

लेकिन विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) और पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) में फर्क क्या है, इस बात का उनको पता नहीं होता.

पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) आपको सिर्फ आपके पिता के परिवार से ही मिल सकती है, लेकिन विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) आपकी माता जी के परिवार से या उनके दादा या पर दादा से मिली संपत्ति भी हो सकती है.

इसके अलावा विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) आपको आपके मामा, भाई या दादी की ओर से भी मिल सकती है.

लेकिन यह संपत्ति आपको उस संपत्ति के मालिक के मरणोपरांत ही मिलती है.

इसी प्रकार पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) भी आपको अपने पिता,दादा या परदादा से मिलती है.

विरासत में मिली संपत्ति (inherited property) आपको आपके परिवार का कोई भी सदस्य विरासत के तौर पर दे सकता है, लेकिन पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) वही होती है जो आपको आपके पिता,दादा या परदादा से मिली हो.

पैतृक संपत्ति पर उस परिवार में जन्म लेने वाले पुत्र और पुत्री (married women property act) का अधिकार उनके जन्म लेते ही हो जाता है.

पुश्तैनी संपत्ति (Ancestral Property) का बंटवारा (Transfer Of Property Act 1882) कैसे होता हैTransfer Of Property Act 1882 :पुश्तैनी संपत्ति और विरासत में मिली संपत्ति में क्या है अन्तर, ज्यादातर लोगों को नहीं पता

पुश्तैनी संपत्ति (Ancestral Property) का मतलब है कि वह संपत्ति जो लगातार चार पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हो.

किसी परदादा की संपत्ति जो उसे उसके पिता से मिली हो,उसकी मृत्यु के बाद दादा को मिलती है,दादा की मृत्यु के बाद आपके पिता से होते हुए आप तक यानी पुत्र को मिलती है.

परदादा के पिता से मिली संपत्ति में परदादा, दादा, पिता और फिर पुत्र का अधिकार होता है.

किस गलती की वजह से पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) स्व अर्जित संपत्ति (Self Acquired Property) बन जाती है

एक छोटी सी गलती के कारण पुश्तैनी संपत्ति, पैतृक संपत्ति नहीं रहती. और वो गलती यह है कि पैतृक संपत्ति को इन 4 पीढ़ी के अंतराल में विभाजित नहीं किया गया हो.

पैतृक संपत्ति का दर्जा (status of ancestral property) तभी तक रहता है, जब तक उसको विभाजित (Transfer Of Property Act 1882) नहीं किया गया हो.

अगर चार पीडियों के अंतराल में किसी भी एक व्यक्ति ने अगर उस पैतृक संपत्ति का बंटवारा (sale under transfer of property act) कर दिया हो, या किसी व्यक्ति को उस संपत्ति को हस्तांतरित (gift under transfer of property act) कर दिया हो तो, उसके बाद वह संपत्ति पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) नहीं रहती, उसका स्वरूप बदलकर वह स्व अर्जित संपत्ति (Self Acquired Property) बन जाती है.

पैतृक संपत्ति से कर सकते बेदखल (Transfer Of Property Act 1882)

पैतृक संपत्ति में बंटवारा करने के बाद क्योंकि पैतृक संपत्ति का स्वरूप बदल जाता है, इसलिए पैतृक संपत्ति में से किसी भी व्यक्ति को बेदखल भी किया जा सकता है, और बेदखल करने के बाद वह उस पैतृक संपत्ति में अपना दावा भी नहीं कर सकता.

वैसे कुछ अपवाद भी देखे गए है जिसके तहत किसी शख्स को उसकी पैतृक संपत्ति से बेदखल नहीं भी किया जा सकता है.

अधिकतर मामलों में यही देखा गया है कि माता या पिता केवल अपनी स्व अर्जित संपत्ति से ही अपने बच्चों को, जो उनका कहना नहीं मानते,बेदखल कर सकते हैं.

हालांकि, कोर्ट ने अपने कुछ फैसलों में माता-पिता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनके बच्चों को पैतृक संपत्ति (ancestral property rules) से भी बेदखल करने की अनुमति दी है.

लेकिन इसमें कुछ कानूनी अड़चनें भी सामने आती हैं, और वो यह है कि कोई भी पैतृक संपत्ति से बेदखल व्यक्ति भी अपनी संपत्ति पर दावा (transfer of property act notes) कर सकता है.

आम तौर पर पुश्तैनी संपत्ति (ancestral property) पर दावा (section 54 of transfer of property act) करने के लिए किसी भी व्यक्ति को 12 साल का वक्त मिलता है.

इसमें कोर्ट चाहे तो परिस्थितियों को देखते हुए 12 साल बाद भी दावे की अनुमति दे सकता है.

F & Q

विरासत में मिली संपत्ति का क्या अर्थ है?

किसी मृत व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित या हस्तांतरित की गई संपत्ति को विरासत में मिली संपत्ति कहा जाता है।

क्या विरासत में मिली संपत्ति बेची जा सकती है?

हां, आप भारत में अविभाजित पैतृक संपत्ति बेच सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन सभी कानूनी उत्तराधिकारियों की सहमति की आवश्यकता होती है, जिनकी संपत्ति में हिस्सेदारी है.

क्या सौतेली मां की संपत्ति में सौतेले पुत्र का हिस्सा हो सकता है?

आपके सौतेले बेटे या सौतेली बेटी को आपकी संपत्ति में कोई अधिकार नहीं होगा क्योंकि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के तहत, सौतेला बेटा या सौतेली बेटी “बेटा” या “बेटी” के दायरे में नहीं आती है और इसलिए, आपकी संपत्ति पर उनका कोई कानूनी अधिकार नहीं है, जब तक कि आप अपनी वसीयत के तहत उन्हें विशेष रूप से हिस्सा न दें.

पुश्तैनी संपत्ति क्या होती है?

पैतृक संपत्ति से तात्पर्य ऐसी संपत्तियों से है जो किसी व्यक्ति को उसके पूर्वजों से विरासत में मिलती है, जो आमतौर पर परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही होती है.

विरासत में मिली संपत्ति क्या है?

विरासत में मिली संपत्ति वह संपत्ति है जो किसी मृतक व्यक्ति से वसीयत या उत्तराधिकार के नियमों के तहत प्राप्त होती है.

विरासत में मिली जमीन अपने नाम कैसे करें?

आपको पैतृक संपत्ति के ट्रांसफर के लिए विरासत होने का सबूत Inheritance proof या किसी वैलिड दस्तावेज का सबूत देना होगा.

क्या एक पिता केवल एक बेटे को संपत्ति दे सकता है?

2005 में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में संशोधन किया गया और कानूनी तौर पर कोई पिता अपनी मर्जी से किसी भी पैतृक संपत्ति की वसीयत नहीं लिख सकता है या अपनी बेटी को उससे वंचित नहीं कर सकता है.

अगर मेरा भाई मेरी संपत्ति का हिस्सा नहीं दे रहा है तो क्या होगा?

अगर कोई भाई अपनी संपत्ति का हिस्सा नहीं दे रहा है, तो आप कानूनी नोटिस भेजकर या कोर्ट में जाकर अपने अधिकार की मांग कर सकते हैं.

 


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Mi Saiyad 23 Years Of Experience In Real Estate Sector. Enterpreneur, Consultant & Coach

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